बार-बार होने वाले मुँह के छाले: क्या यह सिर्फ 'पेट की गर्मी' है?
मुँह के छाले किसी को भी चिड़चिड़ा बना सकते हैं। वह छोटा सा सफेद निशान न केवल खाने का स्वाद बिगाड़ देता है, बल्कि बात करना भी मुश्किल कर देता है। अगर ये छाले हर महीने लौट रहे हैं, तो आपका शरीर आपको कुछ "अंदरूनी" संकेत दे रहा है।
1. विटामिन की खामोश कमी (Vitamin B12 & Iron Deficiency)
हमारा मुँह हमारे शरीर का 'दर्पण' होता है। जब शरीर में Vitamin B12, Folic Acid, या Iron की कमी होती है, तो मुँह के अंदर की कोमल खाल (Mucosa) कमज़ोर हो जाती है। इसके कारण हल्का सा मसाला भी छाले पैदा कर देता है। यह समस्या अक्सर शाकाहारी लोगों में ज़्यादा देखी जाती है।
2. पेट का गणित (Digestion & Acidity)
आयुर्वेद में इसे 'पित्त' का बढ़ना कहते हैं और मॉडर्न साइंस में 'एसिडिटी'। अगर आपको कब्ज़ (Constipation) रहती है या आप बहुत ज़्यादा प्रोसेस्ड फूड खाते हैं, तो पेट के टॉक्सिन्स मुँह के छालों के रूप में दिखाई देते हैं। जब तक पाचन दुरुस्त नहीं होगा, छाले वापस आते रहेंगे।
3. तनाव और इम्यून सिस्टम (Stress-induced Ulcers)
तनाव के समय शरीर 'कोर्टिसोल' हॉर्मोन रिलीज करता है, जो इम्यून सिस्टम को कमज़ोर कर देता है। कमज़ोर इम्यूनिटी की स्थिति में मुँह के बैक्टीरिया आसानी से छोटे ज़ख्मों को छालों में बदल देते हैं। यही कारण है कि एग्जाम या ऑफिस डेडलाइन के दौरान ये ज़्यादा होते हैं।
छालों के चक्र को कैसे तोड़ें? (Prevention & Treatment)
पोषण पर ध्यान दें: डाइट में दही, छाछ, पनीर और हरी पत्तेदार सब्जियां बढ़ाएं। ज़रूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से B-Complex सप्लीमेंट्स लें।
सही टूथपेस्ट का चुनाव: ऐसे टूथपेस्ट से बचें जिसमें Sodium Lauryl Sulfate (SLS) हो, क्योंकि यह छालों को ट्रिगर कर सकता है। SLS-free टूथपेस्ट का इस्तेमाल करें।
हाइड्रेशन: दिन भर में कम से कम 3 लीटर पानी पिएं। पेट को ठंडा रखने के लिए नारियल पानी या सौंफ का पानी बेहतरीन है।
परहेज: छाले होने पर बहुत ज़्यादा गर्म चाय, मिर्च-मसाले और खट्टे फलों (नींबू, संतरा) से दूर रहें।
डॉ॰ वर्तिका कुलश्रेष्ठ का सुझाव: मुँह के छाले कोई स्वतंत्र बीमारी नहीं हैं, बल्कि यह बताते हैं कि आपके शरीर को पोषण या आराम की ज़रूरत है। अगर कोई छाला 2 हफ्ते से ज़्यादा समय तक ठीक न हो, तो उसे नज़रअंदाज़ न करें और विशेषज्ञ को ज़रूर दिखाएं।