VSTPS, Vindhyanagar, Singrauli, MP, pin-486885 drvertikadey@yahoo.com

क्यों सोते समय पैरो का नस चढ़ जाता है?

क्यों सोते समय पैरो का नस चढ़ जाता है?

31 January 2026 Rahul

सोते समय पैर की नस क्यों चढ़ती है?

 

रात के सन्नाटे में अचानक पिंडली का लोहे जैसा सख्त हो जाना और असहनीय दर्द महसूस होना—जिसे हम 'नस चढ़ना' कहते हैं—वाकई डरावना होता है। यह आपके शरीर के इलेक्ट्रिकल सिस्टम में गड़बड़ी का इशारा है।

1. खनिजों की खामोश कमी (Mineral Deficiency)

मांसपेशियों को सिकुड़ने और फैलने के लिए Magnesium और Potassium की ज़रूरत होती है। इन्हें मांसपेशियों का 'ब्रेक' मानिए। जब इनकी कमी होती है, तो मांसपेशियां 'हाइपर-एक्टिव' हो जाती हैं; वे सिकुड़ तो जाती हैं, लेकिन वापस फैलना भूल जाती हैं। यही ऐंठन का मुख्य कारण है।

 

2. डिहाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन

यह सिर्फ पानी की कमी नहीं, बल्कि पानी में मौजूद Electrolytes (नमक) की कमी है। ज़्यादा पसीना बहने या कैफीन (चाय-कॉफी) के अधिक सेवन से खनिज बाहर निकल जाते हैं। रात में जब ब्लड सर्कुलेशन धीमा होता है, तो ये 'चिड़चिड़ी' नसें गलत सिग्नल भेजती हैं, जिससे मांसपेशी जकड़ जाती है।

 

3. लाइफस्टाइल और पोश्चर का असर

दिन भर कुर्सी पर बैठे रहना या गलत जूतों का इस्तेमाल पिंडलियों को तनाव में रखता है। सोते समय अनजाने में पंजे नीचे की तरफ मोड़ने से थकी हुई मांसपेशी 'ट्रिगर' हो जाती है।

 

तुरंत और स्थायी राहत के उपाय

तुरंत क्या करें: जैसे ही नस चढ़े, अपने पैर के पंजे को ऊपर की तरफ (घुटने की ओर) ज़ोर से खींचें। ठंडी ज़मीन पर पैर रखना भी नसों को शांत करने में मदद करता है।

डाइट में बदलाव: केले, शकरकंद, नारियल पानी (पोटेशियम) और कद्दू के बीज या हरी पत्तेदार सब्जियां (मैग्नीशियम) शामिल करें।

सोने से पहले का नियम: बिस्तर पर जाने से पहले 2 मिनट 'वॉल स्ट्रेच' करें। इससे मांसपेशियों के रेशे लंबे हो जाते हैं और रात में ऐंठन का खतरा कम हो जाता है।

सही हाइड्रेशन: सादे पानी के बजाय कभी-कभी नींबू पानी या सेंधा नमक वाला पानी पिएं ताकि कोशिकाएं नमी सोख सकें।

डॉ॰ वर्तिका कुलश्रेष्ठ का सुझाव: पैर की नस चढ़ना आपके शरीर की एक पुकार है कि उसे पोषण की ज़रूरत है। आदतों में छोटे बदलाव करके आप अपनी रातों को फिर से सुकून भरा बना सकते हैं।